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बुधवार, 18 अप्रैल 2012

हाइकू: फिर क्या करें?


1-
उम्र ढले
चाह नहीं
फिर क्या करें?
2-
हम आए
आप नहीं
फिर क्या करें?
3-
बच्चे बोले
चुप रहो!
फिर क्या करें?
4-
भूख लगे
अन्न नहीं
फिर क्या करें?
5-
प्यार हुआ
जात नहीं
फिर क्या करें?
6-
लड़की है
दहेज़ नहीं
फिर क्या करें?
7-
छुट्टा सांड़
खेत खाए
फिर क्या करें?
8-
आवकाश है
काम नहीं
फिर क्या करें?
9-
हाथ खुला
ज़ेब फटी
फिर क्या करें?
10-
देख रहा
लूट मची
फिर क्या करें?
11-
दोस्त सब
दुश्मन हुए
फिर क्या करें?
12-
गेहूँ पका
ओले पड़े
फिर क्या करें?
13-
याद आये
नींद न आये
फिर क्या करें?
14-
मन उड़े
तन शिथिल
फिर क्या करें?
15-
सपने बहुत
पहँच नहीं
फिर क्या करें?
16-
बॉस दुष्ट
बीबी रुष्ट
फिर क्या करें?
17-
वफ़ा पर
ज़फ़ा मिले
फिर क्या करें?
18-
कांटे बहुत
नंगे पैर
फिर क्या करें?
19-
धूप तेज़
छाया नहीं
फिर क्या करें?
20-
लिखूँ बहुत
छपे नहीं
फिर क्या करें?
                                    -विजय

रविवार, 18 दिसंबर 2011

हाइकू-

1-
चपरासी से आई.ए.यस. तक,
रिजेक्ट भये सेलेक्शन मां,
तब खड़ा भये इलेक्शन मां।
2-
ई पब्लिक बड़ी होशियार है,
गुंडन से येका प्यार है,
और उनकै बेड़ा पार है।
3-
वोट मागै जे आवै,
दूध-पूत सब पावै,
इच्छा हमार है।
4-
वोट देवै जे जाई,
लात-घूसा ते पाई,
देह तौ तोहार है।
5-
एक बार जिताय देव,
लाल बत्ती पाय देव,
फिर का तोहार है!
6-
जीतेक बाद मौज़ करब,
अमरीका कै सैर करब,
आये इलक्शन फिर लड़ब!
7-
हम लगायन हम पायन,
यहमां कौन गोहार है?
सांसद-निधि हमार है!
8-
सुरा-सुन्दरी से क्यौ बचा है?
केहुक उज़ागिर केहुक पचा है,
चर्चा ही बेकार है!
9-
चोरकट, चिरकुट सुनत रहब,
जी सर! जी सर! करत रहब,
आदत हमार है!
                                                      -विजय 
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